संघर्ष से भरी थी रश्मि देसाई, शादी के कुछ साल बाद लिया तलाक

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टीवी एक्ट्रेस रश्मि देसाईको किसी पहचान की दरकार नहीं है।  रश्मि 35 वर्ष की हो चुकी हैं। रश्मि देसाई बिग बॉस-13 की भी कंटेस्टेंट रह चुकी हैं, हालांकि वह विजेता नहीं थीं। शो में सिद्धार्थ शुक्ला के साथ लड़ाई, अनबन को लेकर वह हमेशा चर्चा में बनी रहती थीं। रश्मि की शादीशुदा जिंदगी की बात करें, तो उन्होंने एक्टर नंदिश सिंह संधु  से 2012 में शादी की थी, लेकिन इन दोनों का तलाक 2016 में हो गया। शादी के एक साल बाद ही दोनों में अनबन शुरू हो गई, जिससे उनका रिश्ता टिक नहीं पाया। हालांकि, रश्मि नंदिश से प्यार करती थीं और अलग होने के बाद वे तनाव ग्रस्त हो गई थीं।

रश्मि तलाक के बाद हो गई थीं डिप्रेशन की शिकार

आप जिससे प्यार करें, उसके साथ रिश्ता अधिक दिनों तक ना टिक पाए, तो जाहिर है इस बात का काफी दुख होगा। अक्सर हम जिससे प्यार करते हैं, उसके दूर चले जाने से तनाव और डिप्रेशन घर कर जाता है। यही हुआ रश्मि देसाई के साथ। रश्मि ने खुद कई इंटरव्यू में यह स्वीकार किया था कि वह तलाक के बाद डिप्रेशन की शिकार हो गई थीं।

सोच नहीं मिलती तो अलग हो जाना ही बेहतर

जब आप किसी ऐसे इंसान के साथ रहते हैं, जिसकी सोच आपसे नहीं मिलती तो अधिक दिनों तक चाहते हुए भी साथ रहना मुश्किल होने लगता है। रश्मि देसाई के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। रश्मि ने अपनी शादीशुदा जिंदगी को बचाने की पूरी की थी, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, नंदिश संधु के साथ उनका रिश्ता खराब होता चला गया। रश्मि के अनुसार, यदि एक शादीशुदा जिंदगी में आपकी सोच किसी भी मामले में नहीं मिलती, तो बेहतर है अलग हो जाना। अपनी आत्मसम्मान, इज्जत के लिए ऐसा करने में कोई बुराई नहीं। इस शादी में वे शारीरिक शोषण का भी शिकार हुई थीं।

चार सालों तक बहुत ज्यादा डिप्रेशन से ग्रस्त रहने के बाद एक समय ऐसा आया था, जब रश्मि अपना जीवन खत्म कर लेना चाहती थीं। वो किसी को भी देखना, मिलना नहीं चाहती थीं। आप सोचते कुछ हैं, होता कुछ है जीवन में और जीवन आपको कई तहर के सरप्राइजेज देता है। जब लोग इन सच्चाइयों से भागते हैं, तो इसका सामना करना मुश्किल हो जाता है। कहा जाता है कि मिसकैरिज  भी एक कारण रहा रश्मि और नंदिश की शादीशुदा जिंदगी में दराद आने की। रश्मि हमेशा से अपने काम के प्रति लॉयल रही हैं। जब भी वो काम करती हैं अधिक खुशी महसूस करती हैं। काम ही है, जिसके कारण वे आसानी से डिप्रेशन  से बाहर निकल सकीं। काम से उन्हें अधिक शक्ति, पॉजिटिविटी मिलती है। पर्सनल लाइफ में वे जिन भी नेगेटिव चीजों से घिरी हुई थीं, उसका असर कभी भी अपने काम पर पड़ने नहीं दिया।

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