‘सोनाक्षी सिन्हा की फैन थीं लता मंगेशकर’, शत्रुघ्न सिन्हा ने किया खुलासा

देश की स्वरकोकिला लता मंगेशकर का पिछले सप्ताह लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। उनके निधन के बाद लोग उन्हें लगातार अपने-अपने तरीकों से याद कर रहे हैं। कई जानीमानी हस्तियों ने लता मंगेशकर लेकर कई अनसुने किस्से साझा किए। ऐसा ही लता मंगेशकर से जुड़ा एक किस्सा दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने सुनाया है। उन्होंने खुलासा किया कि लता मंगेशकर को उनका अभिनय पसंद आया और वह उनकी बेटी सोनाक्षी सिन्हा की भी फैन थीं।

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‘मैं सोनाक्षी की बहुत बड़ी फैन हूं’

स्वर कोकिला की याद में आजतक टीवी चैनल पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने बताया कि, हम भाग्यशाली थे कि मुझे और मेरे परिवार को लता दीदी से प्यार और सम्मान मिला। वह अक्सर मेरे संवाद और अभिनय के बारे में बात करती थीं। उन्हें आपकी बेटी सोनाक्षी का अभिनय भी पसंद था। लता दीदी कहती थीं कि, मैं उनकी(सोनाक्षी) बड़ी फैन हूं। मैं आपकी भी फैन हूं, लेकिन सोनाक्षी की बहुत बड़ी फैन हूं।शत्रुघ्न सिन्हा ने बताया कि, मैंने उनसे कहा कि, यह हमारे परिवार और बच्चों के लिए बहुत बड़ा कॉम्पलीमेंट है। वह कहती थीं कि उन्होंने मेरी कई फिल्में कई बार देखीं हैं और डायलॉग्स तक याद हैं। वहीं धर्मेंद्र ने खुलासा किया कि जिंदगी के आखिरी पलों में लता मंगेशकर अकेलेपन से भागने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने कहा- लता मंगेशकर से पिछले 3-4 सालों से काफी बात हो रही थी। ऐसा लग रहा था कि वो तन्हाई से भागना चाह रही थी। वो मुझे हौसला देती थीं।

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धर्मेंद्र ने लता जी से जुड़ा पुराना किस्सा किया शेयर

एक्टर धर्मेंद्र ने बताया कि, एक बार मैंने ट्वीट कर कुछ दुखभरी बात लिख दी थी, तो उन्होंने मुझे फोन किया। हम लोगों ने आधे घंटे तक बात की। मुझे चीयर अप किया। मेरी भी उम्र हो चली है तो मैं समझ सकता हूं इस उम्र में आकर इंसान क्या सोचता है। वो पूरी यादों को फिर से सोचता है। बहुत कम लोग बोलते हैं लेकिन बगैर काम खाली बैठने का दुख होता है। अंदर से थोड़े टूट जाते हैं।

इसलिए लता जी के गले में नहीं आती थी खराश

धर्मेंद्र ने लता जी से जुड़े एक किस्से को याद करते हुए बताया कि, लता दीदी के गाने गांव में सुनते वक्त में मैं रुक जाता था। सोचता था कभी इन लोगों के बीच जा पाऊंगा। मुझे पता चला कि लता जी मेरे लिए गाना गा रही हैं। मैं तो दीवाना सा हो गया था। मैंने सोचा किसे बताऊं। मैंने सभी को अनगिनत खत लिखे है। मैं महबूब स्टूडियो गया लता जी को देखने। उनके सामने बैठना मुश्किल हो रहा था। वो मुझे देखकर मुस्कुराईं। मेरा नाम जानने के बाद उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र नाम है ना बहुत आगे जाओगे।

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