केसे एक कॉल ने बदली संजय मिश्रा की जिंदगी

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किसी व्यक्ति की सफलता के पीछे उसका कठिन संघर्ष निहित होता है। बॉलीवुड में कई ऐसे दिग्गज अभिनेता  हैं जिनकी संघर्ष की कहानी कई लोगों को प्रेरित करती है। इन्हीं में से एक हैं अभिनेता संजय मिश्रा।1963 में जन्मे संजय मिश्रा ने बीएचयू से पढ़ाई करने के बाद नैशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से ऐक्टिंग में ग्रैजुएशन किया है। 1991 से ऐक्टिंग कर रहे संजय मिश्रा ने टीवी सीरियल ‘ऑफिस ऑफिस’ में शुक्ला के किरदार से घर-घर में अपनी पहचान बना ली थी।

 

संजय ने छोड़ दी थी एक्टिंग की दुनिया

अपने एक इंटरव्यू में संजय मिश्रा ने बताया था कि उन्होंने कुछ साल पहले पहाड़ियों में शांत जीवन जीने के लिए अभिनय छोड़ दिया था। इस दौरान वह गंगोत्री रोड स्थित एक ढाबे पर मैगी और आमलेट बेचने का काम करते थे। संजय मिश्रा ने बताया कि उन्होंने कुछ साल पहले मौत को करीब से देखा था, जिससे जीवन के प्रति उनका नजरिया बदल गया।

मुंबई में बिगड़ने लगी तबीयत

उस घटना का संजय पर ऐसा असर हुआ कि उन्होंने दोबारा फिल्मों में काम नहीं करने का फैसला कर लिया था. उन्होंने कुछ दिनों तक ढाबे पर काम भी किया है। हालांकि वहां भी लोग उन्हें पहचानने लगे थे। संजय ने कहा कि उनकी तबीयत बहुत खराब थी, उनके पेट में गंभीर संक्रमण का पता चला था। इस वजह से उन्होंने मुंबई छोड़ दिया।

पिता की मौत से टूट गए थे संजय

संजय ने कहा, ‘मैं लगभग अपनी मृत्युशैया पर था। मैं कुछ दिनों के लिए अपने पिता के साथ रहने चला गया लेकिन अचानक उनकी मृत्यु हो गई। और उनकि मौत ने मुझे पूरी तरह तोड़ दिया।’ अंतिम संस्कार करने के बाद संजय ने अपनी मां से कहा कि वह कहीं जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मौत को करीब से देखकर उनका मुंबई लौटने का मन नहीं कर रहा था.

लोकप्रियता मुश्किल हो जाती है

संजय ने आगे कहा, ‘जब यही जिंदगी है तो क्यों न ऊपर से चीजों को देखा जाए। दुनिया में उसने मुझे भेजा है, मैं अच्छी तरह से देखता हूं कहीं पहाड़ों में।’ गंगोत्री की ओर जाने वाली सड़क पर संजय ने एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ सड़क किनारे एक ढाबे पर मैगी और आमलेट बनाने का काम किया। गोलमाल सीरीज और ऑफिस-ऑफिस के राहगीरों ने उन्हें एक अभिनेता के रूप में पहचानना शुरू कर दिया।

रोहित शेट्टी ने मुंबई से फोन किया

संजय बताते हैं कि इस मुश्किल घड़ी में उनकी मां ने उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें दाढ़ी काटने को कहा. इसके बाद एक दिन उनको रोहित शेट्टी के ऑफिस से फोन आया और उन्हें फिल्म ‘ऑल द बेस्ट’ ऑफर हुई। इस फिल्म से उन्होंने कॉमेडी में झंडा फहराया। फिल्मों में अजय देवगन, संजय दत्त, फरदीन खान, बिपाशा बसु, जॉनी लीवर और मुग्धा गोडसे ने भी अभिनय किया। तब से संजय ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा, मसान और दम लगा के हईशा जैसी सराहनीय फिल्में कीं।

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