बप्पी लेहरी के पास था सोने का टिया सेट, जानिए आखिर क्यों इतना पसंद था सोने की चीज़े

80 और 90 के दशक में भारत में डिस्को संगीत को लोकप्रिय बनाने वाले संगीतकार और गायक बप्पी लाहिरी का कल 16 फरवरी 2022 को 69 वर्ष की आयु में मुंबई के क्रिटिकेयर अस्पताल में निधन हो गया. संगीतकार अपने म्यूजिक के अलावा एक और चीज़ के लिए अधिक मशहूर थे, सोना. बप्पी लेहरी को सोने के ज़ेवरों का काफी शौक था. लेकि ये बात काफी काम लोग जानते है की इसके पीछे भी एक कहानी है.


क्यों पेहेनते थे इतना सोना?

जब एक इंटरव्यू में पूछा गया की उनके इतने ज़ेवर पेहेनने के पीछे का क्या राज़ है तो बप्पी लाहिरी ने खुलासा करते हुए कहा था, ‘एल्विस प्रेस्ली हॉलीवुड में सोने की चेन पहनते थे और मैं उनसे बहुत प्यार करता था। उस दौरान मैं सोचता था कि जब मैं सफल हो जाऊंगा तो अपनी अलग छवि का जश्न मनाऊंगा और उसके बाद मैं इतना सोना पहन पाया। सोना मेरे लिए लकी है। ‘


बप्पी के पास था बहुत सारा सोना

दिग्गज गायक के पास 754 ग्राम सोना और 4.62 किलोग्राम चांदी थी। 2014 में दिए गए चुनावी हलफनामे में उनकी सोने की संपत्ति का खुलासा किया गया था। अब आठ साल हो गए हैं और दिग्गज गायक ने कुछ और गहने भी खरीदे होंगे। यह भी कहा जाता है कि बप्पी लहरी की पत्नी के पास उनसे ज्यादा सोना है। उनकी पत्नी चित्रानी के पास 967 ग्राम सोना और 8.9 किलो चांदी है। दिवंगत गायक के पास 4 लाख रुपये से अधिक के हीरे भी थे। बप्पी लाहिरी को उनके सोने के प्यार के लिए उतना ही जाना जाता है जितना कि उनके हिट नंबरों के लिए। “मुझे ‘गोल्ड-मैन’ कहलाने पर गर्व है। सोना मेरे लिए भाग्यशाली है। मेरे गाने तब हिट हुए जब मैंने सोना पहनना शुरू किया,” वह यही कहते थे।


सोने का टि सेट तक था बप्पी लेहरी के पास

बप्पी लेहरी ने एक बार धण्टेराज़ के दिन सोने का टिया सेट खरीदा था जानबी उनसे पूछा गया की उन्होंने और ज़ेवर क्यों नहीं लिए तो बप्पी लाहिड़ी ने कहा कि उनके पास सोने की पर्याप्त चेन है और इसके बजाय उन्होंने सोने की चाय का सेट चुना।

लाहिड़ी का जन्म 1952 में कलकत्ता, पश्चिम बंगाल में संगीतकारों के परिवार में हुआ था। संगीत के प्रति उनका झुकाव तीन साल की कम उम्र में शुरू हुआ जब उन्होंने तबला बजाना सीखना शुरू किया। गायक के परिवार में उनकी पत्नी चित्रानी, ​​दो बच्चे हैं – बेटी रीमा, जो एक गायिका भी हैं, और संगीतकार बप्पा लाहिड़ी हैं।

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